DISCOUNT - 99 @2499 (Use Code: UFXS4I5C)

  - View More Coupons...

Anirvarn Deepshikha (Hindi) 2023 Edition

( 1733 Views)
₹399 ₹500 (20% off)

hindi spiritual books, best spiritual books of all time, spiritual practice book, Religious book, Hinduism, Meditation, Healing books, inspirational book, spiritual

Product Information

सृष्टि में समस्त ज्ञान गुरू- शिष्य के माध्यम से आया है। जिस प्रकार श्रीमद् भगवद् गीता श्री कृष्ण व अर्जुन के बीच का सम्वाद है। ठीक उसी प्रकार यतिश कुमार सिन्हा जो विश्व भ्रातृत्व दिव्यात्मा परिषद्, स्वर्णक्षेत्र माहांगा, उड़िसा के प्रथम आचार्य थे जिन्होंने 37 वर्ष के अल्प जीवन काल (1956-1993) में युगावतार ठाकुर श्रीश्रीश्री केशवचन्द्र जी से 72 खण्ड तत्त्व एकत्रित किए। जिसमें अध्यात्म से जुड़े समस्त प्रश्नों के उत्तर हैं यथाः- मन, चित्त, चैतन्य क्या है? मुक्ति, मोक्ष, मन्त्र, यन्त्र क्या हैं? पुरुष, प्रृकति, आत्मा, अहं क्या हैं? काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य, माया क्या है? राग, क्लेश, द्वेष, अस्मिता, अभिनिवेश क्या हैं? सृष्टि तत्त्व क्या है? आदि... वह सब लेख संघ द्वारा उड़िया भाषा में प्रकाशित पत्रिका ‘चरम’ के 50 क्रमांको में 22 वर्षों (1993-2015) में जिज्ञासा-जिज्ञासु नामक शीर्षक में प्रकाशित हुए, उन्हीं को इस पुस्तक-अनिर्वाण दीपशिखा में एकत्रित किया गया है। इसके इलावा इस पुस्तक में यतिश सिन्हा जी की जीवनी व चरम में प्रकाशित विभिन्न लेख जैसे दुःख, सुख, शान्ति, आनन्द, सच्चिदानन्द, मैं कौंन हूँ, सृष्टि तत्त्व, कर्मयोग व दर्शन का प्रतीक आदि भी हैं। 
संग्राहकर्ता अनिल चावला

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789391041977
Publication date 26 April 2023
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 250
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & white interior with white paper (Premium Quality)

About Author

सृष्टि में समस्त ज्ञान गुरू- शिष्य के माध्यम से आया है। जिस प्रकार श्रीमद् भगवद् गीता श्री कृष्ण व अर्जुन के बीच का सम्वाद है। ठीक उसी प्रकार यतिश कुमार सिन्हा जो विश्व भ्रातृत्व दिव्यात्मा परिषद्, स्वर्णक्षेत्र माहांगा, उड़िसा के प्रथम आचार्य थे जिन्होंने 37 वर्ष के अल्प जीवन काल (1956-1993) में युगावतार ठाकुर श्रीश्रीश्री केशवचन्द्र जी से 72 खण्ड तत्त्व एकत्रित किए। जिसमें अध्यात्म से जुड़े समस्त प्रश्नों के उत्तर हैं यथाः- मन, चित्त, चैतन्य क्या है? मुक्ति, मोक्ष, मन्त्र, यन्त्र क्या हैं? पुरुष, प्रृकति, आत्मा, अहं क्या हैं? काम, क्रोध, लोभ, मोह, मद, मात्सर्य, माया क्या है? राग, क्लेश, द्वेष, अस्मिता, अभिनिवेश क्या हैं? सृष्टि तत्त्व क्या है? आदि... वह सब लेख संघ द्वारा उड़िया भाषा में प्रकाशित पत्रिका ‘चरम’ के 50 क्रमांको में 22 वर्षों (1993-2015) में जिज्ञासा-जिज्ञासु नामक शीर्षक में प्रकाशित हुए, उन्हीं को इस पुस्तक-अनिर्वाण दीपशिखा में एकत्रित किया गया है। इसके इलावा इस पुस्तक में यतिश सिन्हा जी की जीवनी व चरम में प्रकाशित विभिन्न लेख जैसे दुःख, सुख, शान्ति, आनन्द, सच्चिदानन्द, मैं कौंन हूँ, सृष्टि तत्त्व, कर्मयोग व दर्शन का प्रतीक आदि भी हैं। 
संग्राहकर्ता अनिल चावला

Reviews (0)

Be First to Write Review

Login to write Reivew

You May Also Like