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गायत्री माता का सच और पाखंड एक गहन विश्लेषण प्रस्तुत करती है, जो गायत्री मंत्र और उससे जुड़े विश्वासों पर प्रश्नचिन्ह लगाती है। पंडित राजेंद्र चतुर्वेदी द्वारा लिखित इस पुस्तक का उद्देश्य पाठकों को परंपरागत आस्थाओं को समझने और उनमें निहित भ्रमों को पहचानने के लिए प्रेरित करना है। यह 628 पृष्ठों की पुस्तक ऐतिहासिक और शास्त्रीय प्रमाणों के आधार पर गायत्री माता और उससे जुड़े पाखंड का खुलासा करती है, जिससे पाठक सत्य की ओर प्रेरित होते हैं।
यह किताब उन लोगों के लिए है जो आध्यात्मिकता और धर्म को तर्कसंगत दृष्टिकोण से समझना चाहते हैं।
Keypoints:
- धर्म और तर्क का संतुलन: पुस्तक में धर्म और विश्वास पर आधारित दृष्टिकोण को तर्क के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया है।
- गायत्री मंत्र की व्याख्या: वैदिक गायत्री मंत्र को गहराई से समझाने के लिए ऐतिहासिक और सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य का प्रयोग।
- अंधविश्वास के विरुद्ध: हिंदू समाज में प्रचलित अंधविश्वास को दूर करने का प्रयास
- जो धार्मिक सच को उजागर करता है।
- समाज सुधारक दृष्टिकोण: पुस्तक पाठकों को अंधविश्वास से मुक्त करते हुए सन्मार्ग में प्रेरित करती है।
- शोधपरक दृष्टिकोण: लेखक ने वेद
- आयुर्वेद और अन्य धर्मग्रंथों की गहन जानकारी के आधार पर महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया है।
Bullets:
- गायत्री मंत्र के बारे में नए दृष्टिकोण और तथ्यों का खुलासा।
- प्राचीन हिन्दू धर्म और गायत्री मंत्र पर व्यापक विवेचना।
- अंधविश्वास के खिलाफ सच्चाई का उद्घाटन, समाज को सन्मार्ग पर चलने की प्रेरणा।
- धार्मिक और आध्यात्मिक शिक्षाओं को तार्किक ढंग से प्रस्तुत करती है।
- सरल भाषा में विद्वान लेखक का विश्लेषण और गहरी अंतर्दृष्टि।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363889354 |
| Publication date | 09 November 2024 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 628 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
पंडित राजेंद्र चतुर्वेदी एक कर्मकांडी ब्राह्मण परिवार से संबंधित विद्वान हैं, जिनकी गहरी समझ भारतीय धर्मशास्त्रों, ज्योतिष, तंत्र-मंत्र और आयुर्वेद पर आधारित है। वे समाज में व्याप्त अंधविश्वास को दूर करने और लोगों को सन्मार्ग की ओर प्रेरित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अपनी पुस्तकों के माध्यम से, वे पाठकों को धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं का सटीक और तार्किक विश्लेषण प्रदान करते हैं, जिससे आस्था के नाम पर होने वाले पाखंड का भंडाफोड़ किया जा सके।