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Manushya Ek Khunkhar Janwar | A Spiritual Revolution from Man to Human by Rajesh Kumar | Published by Rigi Publication

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“मनुष्य एक खूंखार जानवर” लेखक राजेश कुमार द्वारा लिखित एक गहन आत्मिक यात्रा है जो मानवता के वास्तविक अर्थ को खोजने का आह्वान करती है। यह पुस्तक हमें आईना दिखाती है — कि हम तकनीकी और भौतिक प्रगति के बावजूद, आत्मा से कितने दूर हो चुके हैं। लेखक स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जब तक “मनुष्य” “इंसान” नहीं बनता, तब तक उसकी सारी उपलब्धियाँ व्यर्थ हैं। यह पुस्तक धर्म, जाति, ऊँच-नीच, पाखंड और दिखावे से ऊपर उठकर इंसानियत की सच्ची राह दिखाती है। राजेश कुमार ने अपने लेखन में एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहाँ प्रेम, करुणा, समानता और सत्य सर्वोच्च हैं। यह पुस्तक न केवल चिंतन को प्रेरित करती है बल्कि हर पाठक के भीतर “मनुष्य से इंसान” बनने की प्रक्रिया को प्रारंभ करती है। यदि आप अपने भीतर झांकने, सत्य को पहचानने और जीवन का अर्थ समझने की चाह रखते हैं, तो “मनुष्य एक खूंखार जानवर” आपकी आत्मा को झकझोरने वाली पुस्तक है। उनकी रचनाएँ “सत्य की खोज वॉल्यूम - 1” और “सत्य की खोज वॉल्यूम - 2” पहले से ही पाठकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रही हैं।

Product Information

“मनुष्य एक खूंखार जानवर” लेखक राजेश कुमार द्वारा लिखित एक गहन आत्मिक यात्रा है जो मानवता के वास्तविक अर्थ को खोजने का आह्वान करती है।
यह पुस्तक हमें आईना दिखाती है — कि हम तकनीकी और भौतिक प्रगति के बावजूद, आत्मा से कितने दूर हो चुके हैं।

लेखक स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जब तक “मनुष्य” “इंसान” नहीं बनता, तब तक उसकी सारी उपलब्धियाँ व्यर्थ हैं।
यह पुस्तक धर्म, जाति, ऊँच-नीच, पाखंड और दिखावे से ऊपर उठकर इंसानियत की सच्ची राह दिखाती है।
राजेश कुमार ने अपने लेखन में एक ऐसे समाज की कल्पना की है जहाँ प्रेम, करुणा, समानता और सत्य सर्वोच्च हैं।

यह पुस्तक न केवल चिंतन को प्रेरित करती है बल्कि हर पाठक के भीतर “मनुष्य से इंसान” बनने की प्रक्रिया को प्रारंभ करती है।
यदि आप अपने भीतर झांकने, सत्य को पहचानने और जीवन का अर्थ समझने की चाह रखते हैं, तो “मनुष्य एक खूंखार जानवर” आपकी आत्मा को झकझोरने वाली पुस्तक है।
उनकी रचनाएँ “सत्य की खोज वॉल्यूम - 1” और “सत्य की खोज वॉल्यूम - 2” पहले से ही पाठकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रही हैं।


Keypoints:

  • आध्यात्मिक और मानवता से जुड़ी प्रेरणादायक पुस्तक।
  • “मनुष्य से इंसान बनने” की अनूठी वैचारिक यात्रा।
  • समाज के वास्तविक स्वरूप और आत्मा की पुकार को दर्शाती है।
  • भारत के अग्रणी प्रकाशक Rigi Publication द्वारा प्रकाशित।
  • सरल, गहरी और हृदय को झकझोर देने वाली भाषा शैली।

Bullets:

  • लेखक: राजेश कुमार – प्रसिद्ध रचनाकार और विचारक। प्रकाशक: Rigi Publication – भारत का श्रेष्ठ प्रकाशक। पृष्ठ संख्या: 150 पेज विषय: आध्यात्मिकता मानवता आत्म-चिंतन दर्शन। अनुशंसित पाठमक: हर वह व्यक्ति जो जीवन का सच्चा अर्थ समझना चाहता है।

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789363888524
Publication date 27 October 2025
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 150
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & white interior with white paper (Premium Quality)

About Author

राजेश कुमार एक गहन चिंतक, लेखक और आध्यात्मिक विचारक हैं, जिन्होंने अपने लेखन के माध्यम से आधुनिक समाज के नैतिक पतन पर प्रश्न उठाया है।
उनकी रचनाएँ “सत्य की खोज वॉल्यूम - 1” और “सत्य की खोज वॉल्यूम - 2” पहले से ही पाठकों के बीच अत्यधिक लोकप्रिय रही हैं।
राजेश कुमार किसी धर्म, जाति या संप्रदाय से बंधे नहीं हैं; वे केवल मानवता के उपासक हैं।
उनकी लेखनी जीवन, ईश्वर, और आत्मा के गूढ़ रहस्यों को उजागर करती है और पाठकों को भीतर की सच्चाई से जोड़ती है। 

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