Product Information
"कलयुग का अंत" एक गहन आध्यात्मिक और दार्शनिक काव्य रचना है जो कलयुग की प्रवृत्तियों, उसके परिवर्तन और अंततः उसके पतन की कहानी को उजागर करती है। यह पुस्तक हिन्दू धर्म, पुराणों और समकालीन विचारों का संगम है, जिसमें भगवान शिव, विष्णु, देवताओं और असुरों की भूमिका को सांकेतिक रूप से दर्शाया गया है।
यह पुस्तक कलयुग के पतन की कहानी नहीं केवल कहती है, बल्कि यह पाठक को समय के चक्र, धर्म और ब्रह्मिक न्याय की गहरी समझ प्रदान करती है। यह एक बेजोड़ मिलाजुला रूप है, जो धार्मिक, पुराणिक और समकालीन विचारों को जोड़ते हुए पाठकों को आध्यात्मिक रूप से जागरूक करता है।
Keypoints:
- गहरी आध्यात्मिक समझ – कलयुग और उसके अंत की कवि-रचना में गहरी आध्यात्मिक गहराई और ज्ञान।
- पुराणिक और समकालीन विचारों का मिश्रण – शिव
- विष्णु
- और असुरों के माध्यम से धार्मिक दृष्टिकोण का प्रस्तुतिकरण।
- प्रेरक काव्य – प्रभावशाली और दार्शनिक काव्य रचनाएँ जो आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देती हैं।
- आध्यात्मिक यात्रा – पाठक को धर्म
- कर्म और ब्रह्मिक न्याय की यात्रा पर मार्गदर्शन करती है।
- आध्यात्मिक उत्साही के लिए आदर्श – हिन्दू धर्म
- पुराण और आध्यात्मिक खोज में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए उत्तम।
Bullets:
- कलयुग और उसके पतन पर एक गहन आध्यात्मिक और काव्यात्मक विश्लेषण।
- हिन्दू पुराणों और आध्यात्मिक तत्वों का सांकेतिक रूप में व्याख्यान।
- धर्म, कर्म और ब्रह्मिक न्याय की अंतर्दृष्टि पर आधारित।
- एक प्रभावशाली कविता के माध्यम से आत्मिक और आध्यात्मिक जागरूकता।
- रिगी पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित, जो उच्च गुणवत्ता और सशक्त कंटेंट के लिए जाना जाता है।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789389540000 |
| Publication date | 31 December 2019 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 40 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
प्रवीन कुमार एक समर्पित आध्यात्मिक चिंतक, कवि और लेखक हैं, जिनकी गहरी समझ हिन्दू शास्त्रों और दर्शनशास्त्र पर है। उनका लेखन प्राचीन ज्ञान और समकालीन चिंतन का संगम है, जो पाठकों को आध्यात्मिकता और ब्रह्मा के आदेश पर एक नया दृष्टिकोण देता है। "कलयुग का अंत" के माध्यम से, प्रवीन कुमार ने सत्य, धर्म और आध्यात्मिक यात्रा पर नए विचार प्रस्तुत किए हैं। उनके लेखन का उद्देश्य पाठकों को उनकी आत्मा की गहरी समझ और आत्मिक जागृति की ओर प्रेरित करना है।