DISCOUNT - 59 @1999 (Use Code: JZOCQL6M)

  - View More Coupons...

Prabhu Aao Prithvi Bachao: Ek Adhyatmik Aur Darshanik Chetna Se Bhari Atmabodh Yatra

( 1926 Views)
₹233 ₹299 (22% off)

'प्रभु आओ! पृथ्वी बचाओ!' एक अनूठी आध्यात्मिक और दार्शनिक यात्रा है, जिसमें लेखक विकेश कुमार बडोला के व्यक्तिगत आत्मानुभवों को संकलित किया गया है। यह पुस्तक उन आलेखों का संकलन है जो जुलाई 2023 से लेकर जुलाई 2024 तक राजस्थान के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'दैनिक नवज्योति' के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हुए थे। प्रत्येक आलेख में लेखक ने मानवीय जीवन के आध्यात्मिक, दार्शनिक, और प्राकृतिक पहलुओं को बारीकी से विश्लेषित किया है। यह पुस्तक वर्तमान समय के भौतिकतावादी और व्यावहारिक जीवन में अध्यात्म की आवश्यकता और उसके महत्व पर विशेष जोर देती है। लेखक इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को आत्मजाग्रति, प्रकृति और मानवता के प्रति उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाने का प्रयास करते हैं। वे बताते हैं कि कैसे एक आस्तिक, नास्तिक, और अवसरवादी मानव जीवन के विभिन्न दृष्टिकोणों से इस जगत को देखते हैं, और कैसे अध्यात्म की शक्ति जीवन के प्रत्येक पहलू को संतुलित और सुखद बना सकती है। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो जीवन के गहरे रहस्यों को जानने और अपने आंतरिक आत्मिक विकास की ओर प्रेरित होना चाहते हैं।

Product Information

'प्रभु आओ! पृथ्वी बचाओ!' एक अनूठी आध्यात्मिक और दार्शनिक यात्रा है, जिसमें लेखक विकेश कुमार बडोला के व्यक्तिगत आत्मानुभवों को संकलित किया गया है। यह पुस्तक उन आलेखों का संकलन है जो जुलाई 2023 से लेकर जुलाई 2024 तक राजस्थान के प्रतिष्ठित दैनिक समाचार पत्र 'दैनिक नवज्योति' के संपादकीय पृष्ठ पर प्रकाशित हुए थे। प्रत्येक आलेख में लेखक ने मानवीय जीवन के आध्यात्मिक, दार्शनिक, और प्राकृतिक पहलुओं को बारीकी से विश्लेषित किया है। यह पुस्तक वर्तमान समय के भौतिकतावादी और व्यावहारिक जीवन में अध्यात्म की आवश्यकता और उसके महत्व पर विशेष जोर देती है।

लेखक इस पुस्तक के माध्यम से पाठकों को आत्मजाग्रति, प्रकृति और मानवता के प्रति उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाने का प्रयास करते हैं। वे बताते हैं कि कैसे एक आस्तिक, नास्तिक, और अवसरवादी मानव जीवन के विभिन्न दृष्टिकोणों से इस जगत को देखते हैं, और कैसे अध्यात्म की शक्ति जीवन के प्रत्येक पहलू को संतुलित और सुखद बना सकती है। यह पुस्तक उन सभी के लिए है जो जीवन के गहरे रहस्यों को जानने और अपने आंतरिक आत्मिक विकास की ओर प्रेरित होना चाहते हैं।


Keypoints:

  • आध्यात्मिक और दार्शनिक दृष्टिकोण: पुस्तक में आध्यात्मिक और दार्शनिक आत्मानुभवों को सरल भाषा में समझाया गया है।
  • प्राकृतिक दृष्टिकोण: लेखक ने प्रकृति के विभिन्न पहलुओं और ऋतुओं के माध्यम से अध्यात्म के महत्व को रेखांकित किया है।
  • आस्तिक और नास्तिक दृष्टिकोण: पुस्तक में आस्तिक और नास्तिक जीवनशैली के अंतर और उनके प्रभावों पर गहन चिंतन किया गया है।
  • समाज और मानवता: यह पुस्तक समाज
  • राष्ट्र और मानवता के कल्याण पर आधारित है
  • जो व्यक्तिगत और सामूहिक विकास की दिशा में योगदान देती है।
  • व्यक्तिगत विकास: आत्मजाग्रति और आंतरिक विकास की प्रक्रिया पर लेखक का विशेष ध्यान है।

Bullets:

  • जीवन के आध्यात्मिक और दार्शनिक पहलुओं का विस्तृत अध्ययन।
  • आस्तिक, नास्तिक और अवसरवादी दृष्टिकोण का विश्लेषण।
  • प्रकृति और ऋतुओं के साथ अध्यात्म का गहरा संबंध।
  • आत्मजाग्रति और आंतरिक विकास के उपायों का वर्णन।
  • मानव जीवन की समस्याओं का समाधान आध्यात्मिक दृष्टिकोण से।

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789363881990
Publication date 08 October 2024
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 70
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & white interior with white paper (Premium Quality)

About Author

विकेश कुमार बडोला एक प्रसिद्ध साहित्यकार, अनुवादक और पत्रकार हैं, जिनके लेखन में आध्यात्मिकता और दार्शनिक दृष्टिकोण की गहराई स्पष्ट रूप से झलकती है। राजस्थान के दैनिक समाचार पत्र 'दैनिक नवज्योति' में उनके आलेख 'जीवन बोध' स्तंभ में नियमित रूप से प्रकाशित होते हैं। बडोला जी का लेखन मानवीय जीवन की जटिलताओं और उसकी गहराई से सम्बंधित है, जिसमें वे प्रकृति, अध्यात्म और दर्शन को महत्वपूर्ण स्थान देते हैं। उनके लेखन की सरलता और आत्मीयता पाठकों को सीधे प्रभावित करती है।

Reviews (0)

Be First to Write Review

Login to write Reivew

You May Also Like