Product Information
SATYA KI JHALKIYAN - GLIMPSES OF TRUTH एक अद्वितीय काव्य संग्रह है जो मानव जीवन की समस्याओं, भावनाओं, और मानवीय समझ को उजागर करता है। यह पुस्तक जीवन के कठिनाइयों और आत्मबोध को गहन काव्य के माध्यम से व्यक्त करती है। यह संग्रह लेखक के 20 वर्षों के अध्ययन और 4+ वर्षों के ज्योतिष अभ्यास का परिणाम है। इस पुस्तक में आध्यात्मिकता, ज्योतिष और जीवन के अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर आधारित कविताएँ हैं, जो जीवन के रहस्यों और सत्य की खोज का प्रतीक हैं।
Keypoints:
- मानव जीवन की समस्याओं और आत्मबोध का काव्यात्मक अन्वेषण।
- समाज और जीवन के प्रति लेखक की व्यक्तिगत दृष्टिकोण की अभिव्यक्ति
- आत्मबोध और जीवन के गहन सत्य की तलाश करने वाले पाठकों के लिए आदर्श।
- आध्यात्मिकता और जीवन के गूढ़ प्रश्नों पर आधारित रचनाएं
- प्रेम
- पीड़ा
- संघर्ष
- और आशा जैसी मानवीय भावनाओं का खूबसूरत चित्रण।
- सरल शब्दों में गूढ़ दर्शन और सत्य की झलक
- जिसे सभी पाठक आसानी से समझ सकते हैं।
Bullets:
- आज के समाज की समस्याओं और चुनौतियों पर आधारित कविताएं, जो पाठकों को सोचने पर मजबूर करती हैं।
- रिश्तों, संघर्षों, और मानवता की गहराइयों की खोज करती हुई कविताएं।
- कविताएं प्रकृति के साथ मानव जीवन के जुड़ाव को गहराई से व्यक्त करती हैं।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363881129 |
| Publication date | 18 September 2024 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 124 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper |
About Author
विवेक गोपाल कृष्ण पाठक, इंदौर, मध्य प्रदेश के एक प्रमुख ज्योतिषी और कवि हैं, जिन्होंने अपनी गहन रुचि और नाना, स्वर्गीय श्री पंडित लखन लाल गौतम जी (शिवपुरी, मध्य प्रदेश) के प्रभाव से ज्योतिष और आध्यात्मिकता में गहरा अध्ययन किया। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु जग्गी वासुदेव से दीक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने आध्यात्मिक और ज्योतिषीय ज्ञान को अपनी कविताओं में संजोया है। 20+ वर्षों के स्व-अध्ययन और 4+ वर्षों के ज्योतिष अभ्यास ने उन्हें एक कवि के रूप में स्थापित किया है, जिनकी कविताओं में जीवन की समस्याओं और आत्मबोध का स्पष्ट अनावरण है।