Product Information
“श्रीमद्भागवत दर्शन” एक ऐसा दिव्य ग्रंथ है जो केवल कथा नहीं, बल्कि जीवन को बदल देने वाली आध्यात्मिक यात्रा है। यह पुस्तक भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं, भक्ति के रहस्यों और मानव जीवन के परम उद्देश्य को अत्यंत सरल और प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करती है।
यह ग्रंथ विशेष रूप से कलियुग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि यह मनुष्य को सांसारिक दुखों से मुक्त होकर आध्यात्मिक शांति प्राप्त करने का मार्ग दिखाता है। इसमें वर्णित कथाएं केवल धार्मिक नहीं बल्कि जीवन प्रबंधन, नैतिकता और आत्मिक विकास का अद्भुत संगम हैं।
लेखक श्री चिन्मयानंद बापू ने इस ग्रंथ के माध्यम से भागवत की गूढ़ शिक्षाओं को इस प्रकार सरल बनाया है कि सामान्य पाठक भी इसे सहज रूप से समझ सके। यह पुस्तक हर उस व्यक्ति के लिए है जो जीवन में सच्ची शांति, भक्ति और आत्मज्ञान की तलाश में है।
यह पुस्तक Rigi Publication द्वारा प्रकाशित है और पाठकों के लिए paperback और eBook दोनों रूपों में उपलब्ध है, साथ ही eBook किराए पर भी उपलब्ध है।
Keypoints:
- 724 पृष्ठों का विस्तृत और गहन आध्यात्मिक ग्रंथ
- श्रीमद्भागवत की सरल एवं व्यावहारिक व्याख्या
- जीवन, भक्ति और मोक्ष का संपूर्ण मार्गदर्शन
- हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त
- Paperback एवं eBook दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध
Bullets:
- श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का जीवंत वर्णन
- जीवन की समस्याओं का आध्यात्मिक समाधान
- आत्मशांति और आत्मज्ञान का मार्ग
- कलियुग के लिए सर्वोत्तम धार्मिक ग्रंथ
- भक्ति, ज्ञान और धर्म का अद्भुत संगम
Information
| Format | Paperback , |
|---|---|
| ISBN No. | 9789384314774 |
| Publication date | 06 May 2016 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 724 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
श्री चिन्मयानंद बापू एक प्रख्यात आध्यात्मिक गुरु और सनातन धर्म के विद्वान वक्ता हैं। उन्होंने अपने प्रवचनों और लेखन के माध्यम से लाखों लोगों को धर्म, भक्ति और जीवन के सच्चे अर्थ से परिचित कराया है।
उनकी विशेषता है कि वे गूढ़ धार्मिक विषयों को अत्यंत सरल और व्यावहारिक भाषा में प्रस्तुत करते हैं। “श्रीमद्भागवत दर्शन” उनकी गहन साधना, अनुभव और आध्यात्मिक दृष्टि का जीवंत उदाहरण है।