Product Information
किताब "Darshan" में Sarvjeet Soni ने समाज के विभिन्न पहलुओं पर गहरी और सूझबूझ भरी दृष्टि प्रस्तुत की है। यह एक अनूठा संग्रह है जिसमें लेख, निबंध, कहानियाँ और कविताओं के माध्यम से दर्शन, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, और सांसारिक मुद्दों का विचारशील विश्लेषण किया गया है। प्रत्येक विषय पर स्वतंत्र सोच को प्रेरित करती यह किताब, पाठकों के सामने समाज के आईने में स्वयं को देखने का अवसर प्रस्तुत करती है। साहित्य को समाज का सजीव दर्पण मानते हुए, यह किताब हमें चिंतन और आत्मविश्लेषण की ओर प्रेरित करती है।
Keypoints:
- विभिन्न सामाजिक विषयों पर दृष्टिकोण: दर्शन
- मनोविज्ञान
- समाजशास्त्र और जीवन के अन्य पहलुओं पर गहन लेख।
- आज़ाद सोच को प्रेरणा: हर निबंध और कविता खुले विचार और सूझ-बूझ भरी सोच की प्रेरणा देती है।
- साहित्य और समाज का आईना: समाज को आत्म-विश्लेषण के लिए प्रेरित करने वाला संग्रह।
- सभी वर्गों के लिए उपयुक्त: गहन और विचारशील लेखन
- जो सभी पाठकों के लिए रुचिकर है।
- चिंतन और आत्म-मंथन का माध्यम: विभिन्न मुद्दों पर विचारों का प्रेरणादायक संग्रह।
Bullets:
- जीवन, समाज और दर्शन के विभिन्न पहलुओं पर लेख और कविताओं का संग्रह
- स्वतंत्र और प्रगतिशील सोच को प्रोत्साहित करने वाली पुस्तक
- समाज के लिए एक आईना, जो अपने जीवन को समझने में मदद करता है
- साहित्यिक दृष्टिकोण से सामाजिक मुद्दों पर विश्लेषण
- नए दृष्टिकोण और सोच की प्रेरणा देने वाली किताब
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789391041427 |
| Publication date | 25 November 2022 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 268 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
Sarvjeet Soni एक समाजशास्त्री, विचारक और लेखक हैं, जो मानवीय और सामाजिक मुद्दों पर गहन दृष्टिकोण रखते हैं। अपने लेखन में Sarvjeet जी ने हमेशा खुली सोच और ज्ञान को प्रोत्साहन दिया है, और उनके लेखन में सामाजिक मुद्दों के प्रति एक नई दृष्टि और सकारात्मक बदलाव की भावना स्पष्ट रूप से झलकती है।