Product Information
"रंग-बिरंगे मोती" मीनाक्षी ऋतु एलीन द्वारा लिखा गया एक सशक्त कविताओं का संग्रह है। यह केवल कविताएँ नहीं बल्कि हर उस स्त्री की आवाज़ है, जिसने पुरुष प्रधान समाज में अपने अस्तित्व और सम्मान के लिए संघर्ष किया है।
इस संग्रह की कविताएँ स्त्री को बेबसी का प्रतीक नहीं बल्कि शक्ति, धैर्य और आत्मविश्वास का पर्याय दिखाती हैं। इसमें वे सवाल उठाए गए हैं जिन्हें समाज अक्सर दबा देता है — जैसे स्त्री की स्वतंत्रता, बराबरी और उसका सम्मान।
यह पुस्तक उन सभी महिलाओं को समर्पित है, जिन्होंने कठिनाइयों के बावजूद अपने सामर्थ्य को पहचाना और दुनिया के सामने अपनी पहचान बनाई। रंग-बिरंगे मोती नारीत्व का उत्सव है — जहाँ संघर्ष से शक्ति और दर्द से आत्मनिर्भरता का जन्म होता है।
Keypoints:
- स्त्री संघर्ष और सशक्तिकरण को दर्शाने वाला गहन काव्य संग्रह।
- नारी स्वतंत्रता और समानता पर बेबाक सवाल उठाने वाली कविताएँ।
- स्त्रीत्व को शक्ति और आत्मविश्वास के प्रतीक रूप में प्रस्तुत करती रचनाएँ।
- विदुषी लेखिका द्वारा लिखा गया चिंतनशील और प्रेरणादायक साहित्य।
- पाठकों को आत्ममंथन और सामाजिक जागरूकता की ओर प्रेरित करने वाली पुस्तक।
Bullets:
- प्रेरणादायक और सशक्त कविताएँ: संघर्षों को ताकत में बदलने का संदेश।
- नारी की आवाज़: स्त्रियों की गरिमा और स्वतंत्रता को समर्पित संग्रह।
- बेबाक अभिव्यक्ति: समाज में दबे सवालों को खुलकर प्रस्तुत करती कविताएँ।
- दार्शनिक गहराई: आध्यात्मिक और अस्तित्ववादी चिंतन से जुड़ा साहित्य।
- अनिवार्य पाठन: स्त्री साहित्य, नारीवाद और सामाजिक बदलाव में रुचि रखने वालों के लिए जरूरी किताब।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363883512 |
| Publication date | 17 September 2025 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 160 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
मीनाक्षी ऋतु एलीन का जन्म 1980 के दशक में एक पारंपरिक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। वे वर्ष 2014 से अंग्रेज़ी विषय की प्रवक्ता हैं। उन्होंने एम.ए. (अंग्रेज़ी), बी.एड., एम.एड., नेट (दो बार), और गेट 2021 (आईआईटी बॉम्बे) जैसी परीक्षाएँ उत्तीर्ण की हैं।
लेखन के साथ-साथ उन्हें कविताएँ लिखना, किताबें पढ़ना, संगीत, नृत्य, प्रकृति फोटोग्राफी, रंगोली और अस्तित्ववादी साहित्य का अध्ययन करना प्रिय है। वे ओशो, सद्गुरु और गौतम बुद्ध के विचारों से प्रभावित हैं।
उनकी कविताएँ नारी जीवन के संघर्षों को उजागर करती हैं और यह संदेश देती हैं कि स्त्रियाँ किसी की संपत्ति नहीं बल्कि जीवन की धुरी हैं।