Product Information
“यादों का सफर – ललिता और प्रभु” एक अत्यंत संवेदनशील और हृदयस्पर्शी प्रेम कहानी है, जो प्रेम, समर्पण और यादों की अमरता को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है। यह केवल एक पति-पत्नी की कहानी नहीं, बल्कि उन सभी रिश्तों का प्रतिबिंब है जो समय, दूरी और परिस्थितियों के बावजूद दिलों में जीवित रहते हैं।
इस पुस्तक में हर पंक्ति भावनाओं से भरी हुई है—कहीं प्रेम की मिठास, कहीं बिछड़ने का दर्द, तो कहीं यादों का सुकून। यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्चा प्रेम केवल साथ रहने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह हर पल, हर सांस में महसूस किया जाता है।
यह पुस्तक पाठकों को एक ऐसी भावनात्मक यात्रा पर ले जाती है, जहाँ वे अपने जीवन के रिश्तों को नए दृष्टिकोण से समझते हैं। अगर आप सच्चे प्रेम, समर्पण और भावनाओं की गहराई को महसूस करना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक अनमोल अनुभव है।
Keypoints:
- सच्चे प्रेम और रिश्तों की गहराई को दर्शाने वाली कहानी
- सरल और भावनात्मक भाषा में लिखा गया
- हर उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त
- जीवन के वास्तविक अनुभवों पर आधारित
- दिल को छू जाने वाली यादों का संग्रह
Bullets:
- प्रेम, विरह और यादों का अद्भुत संगम
- हर पंक्ति दिल से जुड़ने वाली
- रिश्तों की सच्चाई को उजागर करती है
- भावनात्मक रूप से बेहद प्रभावशाली
- एक बार पढ़ना शुरू करें, तो अंत तक छोड़ नहीं पाएंगे
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363886377 |
| Publication date | 13 April 2026 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 128 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
ललिता मंढ़इया एक अत्यंत भावुक और संवेदनशील लेखिका हैं, जिनकी लेखनी सीधे दिल को छू जाती है। वे अपने व्यक्तिगत अनुभवों और जीवन की सच्चाइयों को सरल और प्रभावशाली शब्दों में व्यक्त करती हैं।
उनकी लेखनी का मुख्य उद्देश्य पाठकों को उनके अपने रिश्तों और भावनाओं से जोड़ना है। “यादों का सफर – ललिता और प्रभु” उनकी एक ऐसी कृति है, जो सच्चे प्रेम की अमरता और भावनाओं की गहराई को खूबसूरती से दर्शाती है।