Product Information
“पिता – एक मौन कविता” एक अत्यंत संवेदनशील और हृदयस्पर्शी काव्य-संग्रह है, जो पिता के अनकहे प्रेम, त्याग, संघर्ष और आशीर्वाद को शब्दों में ढालता है। यह पुस्तक उन मौन पलों की साक्षी है जहाँ पिता बिना कुछ कहे भी जीवन की सबसे मजबूत नींव बन जाते हैं।
हर कविता में पिता का वह रूप दिखाई देता है, जो कभी साया बनकर साथ चलता है, कभी मौन बनकर संबल देता है, और कभी दुआ बनकर हर सांस में उतर जाता है। यह संग्रह पाठकों को उनके अपने पिता की यादों से जोड़ता है — उनकी सीख, उनका स्नेह और उनका अटूट विश्वास हर पृष्ठ पर जीवंत हो उठता है।
सरल, कोमल और सहज भाषा में लिखी गई ये कविताएँ सीधे हृदय को स्पर्श करती हैं। 142 पृष्ठों में सजी यह पुस्तक कुछ रंगीन पृष्ठों के साथ भावनाओं की एक सुंदर प्रस्तुति है।
यह पुस्तक केवल पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि महसूस करने के लिए है।
Keypoints:
- 142 पृष्ठों का हृदयस्पर्शी काव्य-संग्रह
- पिता के अनकहे प्रेम और त्याग पर केंद्रित
- सरल एवं सहज हिंदी भाषा
- 4–5 आकर्षक रंगीन पृष्ठों सहित
- भावनात्मक रूप से जुड़ने वाली पारिवारिक पुस्तक
Bullets:
- पिता के मौन प्रेम को समर्पित विशेष काव्य-संग्रह
- हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए उपयुक्त
- उपहार देने के लिए आदर्श पुस्तक
- भावनात्मक और प्रेरणादायक सामग्री
- Rigi Publication द्वारा प्रकाशित उत्कृष्ट प्रस्तुति
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363881495 |
| Publication date | 01 March 2026 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 142 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
संजीव एक संवेदनशील कवि और लेखक हैं, जिनका लेखन जीवन, परिवार और मानवीय मूल्यों की गहराई को स्पर्श करता है। उनकी भाषा सरल, कोमल और आत्मीय है, जो सीधे पाठकों के हृदय तक पहुँचती है।
वे आम जीवन की छोटी-छोटी घटनाओं में छिपे गहरे भावों को पहचानने और उन्हें कविता के माध्यम से अभिव्यक्त करने में सिद्धहस्त हैं।
“पिता – एक मौन कविता” उनके जीवन के सबसे व्यक्तिगत और भावपूर्ण अनुभवों का संकलन है, जिसका उद्देश्य हर पिता के मौन प्रेम को अमर बनाना है।