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Akshar Gyan

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"अक्षर ज्ञान" पंडित मधुसूदन त्रिपाठी द्वारा लिखित एक अद्भुत काव्य संग्रह है, जो ज्ञान के अविनाशी और शाश्वत स्वरूप को दर्शाता है। "अक्षर" का अर्थ ही होता है जो कभी नष्ट न हो, और यह पुस्तक इसी अमर ज्ञान की महत्ता को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत करती है। यह काव्य संकलन भारतीय दर्शन, साहित्य और जीवन के मूलभूत पहलुओं से प्रेरित होकर लिखा गया है। हिंदी वर्णमाला और काव्य परंपरा को आधार बनाकर इस पुस्तक में गूढ़ दार्शनिक चिंतन और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का सुंदर समावेश किया गया है। इस पुस्तक की रचनाएँ जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ से प्रेरित हैं, जिसमें कविता को भावनाओं और ब्रह्मांडीय सत्य के मध्य एक सेतु माना गया है। यदि आप गहरी सोच और साहित्यिक सौंदर्य से भरपूर कविताएँ पढ़ना चाहते हैं, तो अक्षर ज्ञान आपके लिए एक अनमोल काव्य संग्रह है।

Product Information

"अक्षर ज्ञान" पंडित मधुसूदन त्रिपाठी द्वारा लिखित एक अद्भुत काव्य संग्रह है, जो ज्ञान के अविनाशी और शाश्वत स्वरूप को दर्शाता है। "अक्षर" का अर्थ ही होता है जो कभी नष्ट न हो, और यह पुस्तक इसी अमर ज्ञान की महत्ता को काव्य के माध्यम से प्रस्तुत करती है।

यह काव्य संकलन भारतीय दर्शन, साहित्य और जीवन के मूलभूत पहलुओं से प्रेरित होकर लिखा गया है। हिंदी वर्णमाला और काव्य परंपरा को आधार बनाकर इस पुस्तक में गूढ़ दार्शनिक चिंतन और आध्यात्मिक दृष्टिकोण का सुंदर समावेश किया गया है।

इस पुस्तक की रचनाएँ जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ से प्रेरित हैं, जिसमें कविता को भावनाओं और ब्रह्मांडीय सत्य के मध्य एक सेतु माना गया है। यदि आप गहरी सोच और साहित्यिक सौंदर्य से भरपूर कविताएँ पढ़ना चाहते हैं, तो अक्षर ज्ञान आपके लिए एक अनमोल काव्य संग्रह है।


Keypoints:

  • गहरी दार्शनिक कविताएँ – ज्ञान और आध्यात्मिक सत्य की खोज को दर्शाने वाला काव्य संग्रह।
  • भारतीय साहित्यिक परंपराओं से प्रेरित – संस्कृत और आधुनिक हिंदी साहित्य का सुंदर समावेश।
  • ‘अक्षर’ की अविनाशी शक्ति का अन्वेषण – भाषा
  • साहित्य और ब्रह्म ज्ञान को जोड़ने वाला अनोखा दृष्टिकोण।
  • काव्य और साहित्य प्रेमियों के लिए आदर्श – गहरी सोच और विचारशील पाठकों के लिए उपयुक्त।
  • क्लासिक काव्य संदर्भों से समृद्ध – जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ और अन्य साहित्यिक कृतियों से प्रेरित।

Bullets:

  • ‘अक्षर’ के शाश्वत ज्ञान की दार्शनिक खोज को दर्शाता अद्भुत काव्य संग्रह।
  • काव्य, साहित्य और आध्यात्मिक चिंतन का सुंदर मिश्रण।
  • प्रसिद्ध हिंदी कवि पंडित मधुसूदन त्रिपाठी की कालजयी रचनाएँ।
  • जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ और भारतीय साहित्यिक परंपराओं से प्रेरित।
  • काव्य प्रेमियों और गहन विचारकों के लिए अवश्य पढ़ने योग्य पुस्तक।

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789395773317
Publication date 05 August 2023
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 106
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & white interior with white paper (Premium Quality)

About Author

पंडित मधुसूदन त्रिपाठी हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित कवि हैं, जो अपनी गहन काव्यात्मक अभिव्यक्ति और दार्शनिक दृष्टिकोण के लिए जाने जाते हैं। वे भारतीय साहित्यिक परंपराओं और आध्यात्मिक ज्ञान से गहराई से जुड़े हुए हैं। उनकी रचनाएँ क्लासिकल हिंदी काव्य और आधुनिक चिंतन का एक सुंदर संगम हैं।

उनका मानना है कि शब्दों में वह शक्ति होती है जो मन और आत्मा को जागृत कर सकती है, और यही संदेश "अक्षर ज्ञान" के माध्यम से उन्होंने दिया है।

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