Product Information
“Atul Highway” सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि हर उस संघर्षपूर्ण यात्रा की गवाही है जो किसी भी निर्माण (Construction) के पीछे छिपी रहती है। यह किताब एक प्रोजेक्ट हेड, HR व एडमिन ऑफिसर, लायज़न ऑफिसर और साइट प्रभारी की अनकही कहानी है, जो फाइलों, सरकारी नोटिसों, अनुमतियों और विभागीय प्रक्रियाओं के बीच अपने दायित्व निभाता है।
हर साइन, हर फाइल और हर मीटिंग सिर्फ एक औपचारिकता नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक मजबूत कदम है। यह किताब दिखाती है कि कंस्ट्रक्शन सिर्फ सड़क या पुल बनाने का काम नहीं है, बल्कि विश्वास और जिम्मेदारी की नींव रखने का कार्य है।
साथ ही, इसमें निर्माण क्षेत्र से जुड़ी नीतियों, नियमों और कानूनों का संग्रह है, जो छात्रों और पेशेवरों के लिए इंटरव्यू की तैयारी में अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।
अगर आप एक इंजीनियर, HR प्रोफेशनल, लायज़न ऑफिसर, प्रोजेक्ट मैनेजर हैं या कंस्ट्रक्शन की असली चुनौतियों को समझना चाहते हैं, तो यह किताब आपके लिए ज्ञान और प्रेरणा का संगम है।
Keypoints:
- निर्माण क्षेत्र की नीतियाँ
- नियम और कानूनों का संपूर्ण संग्रह।
- इंटरव्यू की तैयारी के लिए अनिवार्य मार्गदर्शिका।
- प्रोजेक्ट प्रबंधन
- HR और लायज़न अधिकारियों की असली संघर्षपूर्ण कहानियाँ।
- सरल और प्रभावशाली भाषा में लिखी गई व्यावहारिक व प्रेरणादायी पुस्तक।
- तकनीकी ज्ञान और मानवीय मूल्यों का अद्वितीय संगम।
Bullets:
- निर्माण क्षेत्र के प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए मार्गदर्शक।
- कंस्ट्रक्शन के छिपे संघर्ष और जिम्मेदारियों को उजागर करती है।
- हर साइन और फाइल के पीछे की असली कहानी बताती है।
- नीति, कानून और प्रैक्टिकल अनुभव का संतुलित मिश्रण।
- राष्ट्र निर्माण की अदृश्य लेकिन अहम यात्रा का दस्तावेज़।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363886124 |
| Publication date | 18 September 2025 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 196 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
अतुल कुमार मिश्रा एक परिश्रमी और प्रतिबद्ध व्यक्तित्व हैं। उन्होंने डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से मानव संसाधन (HR) एवं मार्केटिंग में एमबीए किया है। ग्रामीण पृष्ठभूमि से जुड़े होने के बावजूद, उन्होंने पेशेवर जीवन में उत्कृष्ट अनुभव अर्जित किए।
उनके पिता श्री हीरामणि मिश्रा (समाजसेवी एवं किसान) और माता श्रीमती देवकी मिश्रा (शिक्षिका) से मिले संस्कार उनके लेखन में स्पष्ट झलकते हैं। उनकी पुस्तक “Atul Highway” सिर्फ प्रशासन और निर्माण की चुनौतियाँ नहीं बताती, बल्कि मानवीय संवेदनाएँ, संघर्ष और सामाजिक मूल्यों को भी सामने लाती है।