Product Information
"चाँद की चाहत" एक ऐसी कहानी है, जो गांव की एक सरल और अल्हड़ किशोरी चंद्रकांता के जीवन के संघर्ष, भावनाओं और आत्मनिर्भरता की अद्भुत यात्रा का चित्रण करती है। यह उपन्यास चंद्रकांता के श्यामवर्ण चेहरे पर बसी लालिमा और लावण्य की गहराई को उकेरता है। उसकी मासूमियत, साहस और संघर्ष की कहानी पाठकों को गहराई से छू जाएगी। चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर में, वह कठिन परिस्थितियों और समाज के दबावों से जूझती हुई आत्मनिर्भरता की मिसाल बनती है।
यह उपन्यास मानवीय कमजोरियों, आंतरिक इच्छाओं और सामाजिक बदलावों को अद्वितीय रूप में प्रस्तुत करता है।
Keypoints:
- एक ग्रामीण किशोरी की प्रेरणादायक यात्रा।
- चंडीगढ़ जैसे आधुनिक शहर में संघर्ष और आत्मनिर्भरता की कहानी।
- समाज की कुरीतियों और दबावों के खिलाफ संघर्ष का चित्रण।
- मानवीय भावनाओं और संवेदनाओं का गहरा वर्णन।
- सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए एक प्रेरणादायक उपन्यास।
Bullets:
- ग्रामीण भारत की यथार्थ कथा।
- संघर्ष, प्रेम और साहस का अद्वितीय संगम।
- सरल भाषा में गहरे भावनात्मक अनुभव।
- युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत।
- सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करती एक कहानी।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789388393911 |
| Publication date | 27 December 2019 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 364 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
प्रभु दयाल मंडैया विकल एक अनुभवी लेखक हैं, जिन्होंने ग्रामीण भारत के यथार्थ और मानवीय संवेदनाओं को अपने लेखन के माध्यम से गहराई से व्यक्त किया है। उनकी लेखनी में गहराई, सहजता और संवेदनशीलता की झलक मिलती है। उनकी कहानियाँ भारतीय समाज के संघर्षशील और प्रेरणादायक पहलुओं का सजीव चित्रण करती हैं।