Product Information
"यात्रा प्रसंग संस्कार भारती के संग" भारतीय संस्कृति और परंपराओं को समर्पित एक अनूठी पुस्तक है। यह पुस्तक 2006 से 2024 तक के संस्कार भारती के विभिन्न कार्यक्रमों और यात्राओं का प्रेरक और रोचक दस्तावेज प्रस्तुत करती है। लेखकद्वय, रामवीर सिंह ‘राहगीर’ और डॉ. राजकुमार उपाध्याय ‘कुमार राज,’ ने अपने अनुभवों और घटनाओं को अत्यंत सुंदरता से संजोया है। पुस्तक में पुणे के रंगोत्सव, ईटानगर के स्मरणीय आयोजन, और कोलकाता के राष्ट्रीय नाट्य महोत्सव जैसे कई ऐतिहासिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का विस्तार से वर्णन किया गया है। यह न केवल पाठकों का मनोरंजन करती है, बल्कि उन्हें भारत की समृद्ध परंपराओं और संस्कृति के करीब ले जाती है।
Keypoints:
- यह पुस्तक 2006 से 2024 तक के संस्कार भारती के प्रमुख आयोजनों का संपूर्ण दस्तावेज है।
- इसमें भारतीय संस्कृति
- परंपराओं और ऐतिहासिक घटनाओं का रोचक विवरण है।
- यात्रा वृतांत शैली में लिखी गई यह पुस्तक रोमांच
- ज्ञान और प्रेरणा का अनूठा संगम है।
- इसे हिंदी साहित्य के दो अनुभवी लेखकों ने लिखा है।
- यह पुस्तक भारतीय साहित्य और संस्कृति में रुचि रखने वालों के लिए एक अद्वितीय संग्रह है।
Bullets:
- भारतीय संस्कृति और परंपराओं पर आधारित रोचक और ज्ञानवर्धक पुस्तक।
- यात्रा वृतांत शैली में महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक घटनाओं का उल्लेख।
- संस्कार भारती के आयोजनों और उनके प्रभाव का दस्तावेज।
- 150 पृष्ठों में समाहित प्रेरणादायक और मनमोहक कहानियां।
- साहित्य प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए आदर्श सामग्री।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363881846 |
| Publication date | 24 January 2025 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 150 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
रामवीर सिंह ‘राहगीर’: संस्कार भारती के समर्पित सदस्य और साहित्यकार, रामवीर सिंह ‘राहगीर’ ने पिछले 25 वर्षों में साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनका लेखन मानवीय मूल्यों, परंपराओं, और संस्कृतियों को सहेजने का दर्पण है।
डॉ. राजकुमार उपाध्याय ‘कुमार राज’: हिंदी साहित्य के जाने-माने विद्वान और संस्कार भारती के सक्रिय सदस्य, डॉ. राजकुमार उपाध्याय ने भारतीय संस्कृति को समझने और व्यक्त करने में अपनी लेखनी का सार्थक योगदान दिया है।