Product Information
दो अंजाने एक भावनात्मक काव्य संग्रह है, जो दो अंजान लोगों की मुलाकात, जुड़ाव और जुदाई की कहानी को कविताओं के माध्यम से बयां करता है। इस संग्रह में संजीव ने प्रेम, विरह, स्मृति और आत्ममंथन की भावनाओं को बड़े ही सहज और सरल शब्दों में पिरोया है। हर कविता एक अधूरी मुलाकात की गूंज है, जो पाठक के हृदय को छू जाती है। कभी यह पंक्तियाँ एक पुराने प्यार की याद दिलाती हैं, तो कभी एक अनकही दास्तां को उजागर करती हैं।संजीव की कविताएँ सरल भाषा में गहरी भावनाएँ व्यक्त करती हैं, जो हर उम्र के पाठकों से जुड़ती हैं। यह संग्रह उन सभी के लिए है जिन्होंने कभी किसी अजनबी से दिल लगाया हो, या खोई हुई यादों में खुद को तलाशा हो। हर पन्ना एक भावनात्मक सफर है, जिसमें पाठक खुद को पा सकता है। दो अंजाने सिर्फ एक किताब नहीं, बल्कि भावनाओं का एक दरिया है, जो आपको भीतर तक भिगो देगा।
Keypoints:
- 150 पृष्ठों में संजोया गया भावनात्मक काव्य संग्रह
- सरल भाषा में गहन भावनाएँ व्यक्त करती कविताएँ
- प्रेम
- विरह और स्मृति पर केंद्रित रचनाएँ
- हर उम्र के पाठकों के लिए उपयुक्त
- उच्च गुणवत्ता वाली प्रिंटिंग
- Rigi Publication द्वारा प्रकाशित
Bullets:
- दो अंजानों की अनकही प्रेम कथा को शब्दों में समेटा गया
- संजीव द्वारा लिखित हृदयस्पर्शी कविताओं का संकलन
- हर कविता में छुपी है एक कहानी – एक याद, एक एहसास
- प्रेम और विरह के सच्चे भावों का सुंदर चित्रण
- आत्ममंथन और जुड़ाव की संवेदनशील प्रस्तुति
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363880047 |
| Publication date | 19 April 2025 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 150 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
संजीव एक संवेदनशील कवि हैं जिनकी लेखनी सीधे दिल से निकलती है और पाठकों की आत्मा तक पहुँचती है। उनकी कविताएँ आधुनिक भावनाओं को सरल हिंदी में व्यक्त करती हैं। "दो अंजाने" उनकी एक अनूठी रचना है जो प्रेम, विरह और स्मृति के कोमल पहलुओं को उजागर करती है। वे हिंदी साहित्य में एक नया दृष्टिकोण लाते हैं, जो युवा और प्रौढ़ दोनों वर्गों को समान रूप से छूता है।