Product Information
"Ek Ghoont Jindagi" एक प्रेरणादायक उपन्यास है, जो एक कर्मठ, ईमानदार और निस्वार्थ युवक 'पारस' की जीवन गाथा को प्रस्तुत करता है। यह कहानी संघर्ष, सादगी, सेवा, आत्मसम्मान और मानवता की मिसाल है। लेखक ने समाज के छल-कपट और जीवन की विषमताओं में भी आशा, आत्मबल और त्याग की कहानी रची है। पारस की तरह जीने की सीख देने वाली यह पुस्तक हर आयु वर्ग के पाठकों के लिए एक मार्गदर्शक बन सकती है।
Keypoints:
- एक प्रेरणादायक सामाजिक उपन्यास।
- आत्मसम्मान
- सेवा
- और जीवन मूल्यों की प्रेरणा।
- सरल भाषा में गहन भावनाओं का चित्रण।
- सभी आयु वर्गों के लिए पठनीय और प्रेरणादायक।
- वरिष्ठ साहित्यकार प्रभुदयाल मंडईया ‘विकल’ की उत्कृष्ट कृति।
Bullets:
- संघर्ष और सेवा की मार्मिक कथा।
- आत्मसम्मान की भावना से परिपूर्ण जीवन दर्शन।
- जीवन की सच्चाइयों से रूबरू कराता उपन्यास।
- युवा पाठकों को नई दिशा देने वाला प्रेरणास्त्रोत।
- हिंदी साहित्य में एक अमूल्य योगदान।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789389540727 |
| Publication date | 16 November 2020 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 316 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
प्रभुदयाल मंडईया ‘विकल’, हिंदी साहित्य के अनुभवी और प्रतिष्ठित लेखक हैं। आपने उपन्यास, लघुकथा, कविता, राजभाषा और अध्यात्मिक लेखन में बहुमूल्य योगदान दिया है। 'गोदान के बाद', 'चाँद की चाहत' और 'तरकश' जैसे अनेक प्रसिद्ध ग्रंथों के रचयिता विकल जी की लेखनी संवेदनाओं को गहराई से छूती है। साहित्य के क्षेत्र में उनके दशकों के अनुभव का सार इस पुस्तक में परिलक्षित होता है।