Product Information
आसमान से चाँद जुदा नहीं होता जैसे गम मेरा मुझसे जुदा नहीं होता।
वैसे चीर उठता है दिल मेरा ऐसे सुबह शाम का इंतजार करती है जैसे आसमान से चाँद जुदा नहीं होता।
जैसे आँखों से पानी बरसता है ऐसे बरसात में धरती भीगी हो जैसे आसमान से चाँद जुदा नहीं होता।
जैसे गम मेरा मुझसे जुदा नहीं होता वैसे दिल खुशी की आरजू करता है ऐसे शमा का परवाना इंतजार करता है जैसे आसमान से चाँद जुदा नहीं होता।
जैसे गम मेरा मुझसे जुदा नहीं होता वैसे दिल पर नाम लिखा है तुम्हारा ऐसे आसमान में सितारे हो जैसे।
Keypoints:
- रोमांटिक व आत्मिक शायरी का सुंदर संग्रह
- चाँद
- आँसू
- चाहत और आत्मीयता की सजीव चित्रण
- संक्षिप्त और सोशल मीडिया‑फ्रेंडली कविताएं
- प्रेम‑संबंध या आत्म‑प्रेम दोनों के लिए उपयुक्त उपहार
- युवा व अनुभवी पाठकों के लिए समसामयिक तथा दिल को छू लेने वाला
Bullets:
- गहरी भावनाओं की रोमांटिक कविताएँ
- चाँदनी रातों में आशा और विरह का सूक्ष्म चित्रण
- छोटी पर प्रभावशाली शायरी—แชร์ करने योग्य
- दिल से निकली शायरी—दिल तक पहुँचने वाली
- आत्मा और संबंधों के बीच की मुलाक़ात
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789386447272 |
| Publication date | 08 July 2017 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 54 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
पूजा सैनी आधुनिक हिंदी कविता की एक युवा आवाज़ हैं। उनकी शायरी उन पाठकों का दिल छूती है जो प्रेम, पीड़ा और आत्मा की तलाश में हैं। “Jindagi Pyar Jism Aur Rooh Ki Kahani” उनके अंदर की सच्चाई को सहज और कोमल शब्दों में व्यक्त करती है।