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“नई सोच नया विचार” लेखिका कल्पना नारायण बरपात्रे की एक प्रेरणादायक और जागरूकता फैलाने वाली पुस्तक है, जो आधुनिक युग की गंभीर समस्या—पॉलीथिन, प्लास्टिक और ई-कचरा—पर केंद्रित है।
आज के तकनीकी और उपभोक्तावादी समाज में प्लास्टिक और ई-कचरे की बढ़ती मात्रा पर्यावरण, स्वास्थ्य और भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक बड़ा खतरा बन चुकी है। यह पुस्तक स्वच्छता अभियान की सफलता को ध्यान में रखते हुए समाज को नई दिशा देने का प्रयास करती है।
इस पुस्तक में लेखिका ने सरल भाषा में यह बताया है कि किस प्रकार पॉलीथिन, प्लास्टिक, ई-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थों का पुनः उपयोग (Reuse), पुनर्चक्रण (Recycle) और रचनात्मक प्रयोग कर समाज को प्रदूषण-मुक्त बनाया जा सकता है। यह केवल समस्या की चर्चा नहीं करती, बल्कि व्यावहारिक समाधान भी प्रस्तुत करती है।
Rigi Publication द्वारा प्रकाशित यह पुस्तक छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ, स्वच्छता कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों के लिए अत्यंत उपयोगी है। यह पुस्तक पेपरबैक, ई-बुक और ई-बुक रेंट तीनों रूपों में उपलब्ध है।
“नई सोच नया विचार” केवल एक पुस्तक नहीं, बल्कि स्वच्छ, हरित और जिम्मेदार समाज की ओर एक सशक्त कदम है।
Keypoints:
- स्वच्छ भारत अभियान से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ी पुस्तक
- पॉलीथिन, प्लास्टिक और ई-कचरे के व्यावहारिक समाधान
- सरल, स्पष्ट और प्रेरणादायक भाषा
- छात्रों, संस्थानों और सामाजिक संगठनों के लिए उपयोगी
- पर्यावरण जागरूकता बढ़ाने वाली संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली कृति
Bullets:
- स्वच्छता अभियान की सफलता के लिए नवाचारी विचार
- प्लास्टिक और ई-कचरे के पुनः उपयोग पर जोर
- पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश
- जागरूक नागरिकों के लिए मार्गदर्शक पुस्तक
- Rigi Publication द्वारा प्रकाशित, बहु-फॉर्मेट में उपलब्ध
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789388393935 |
| Publication date | 15 December 2019 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 34 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
कल्पना नारायण बरपात्रे एक सामाजिक-चेतना से जुड़ी लेखिका हैं, जो पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता और सतत विकास जैसे विषयों पर लेखन करती हैं। उनके विचार समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की प्रेरणा देते हैं।
“नई सोच नया विचार” के माध्यम से उन्होंने पॉलीथिन, ई-कचरा और अन्य अपशिष्ट के प्रति समाज की सोच बदलने का प्रयास किया है। उनका लेखन आम नागरिकों को स्वच्छता अभियान से जोड़ने और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाने की दिशा में एक सार्थक योगदान है।