Product Information
“परीका” केवल एक कहानी नहीं, बल्कि उस हर इंसान की आवाज़ है जो समाज की भीड़ में अपनी पहचान खो देता है।
हिरा लाल द्वारा लिखित यह प्रभावशाली हिंदी उपन्यास एक ऐसी लड़की “परीका” की कहानी है, जो धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक बंधनों में जकड़ी हुई अपनी जिंदगी को अपने तरीके से जीना चाहती है। लेकिन समाज की भीड़, लोगों की सोच और परंपराओं का डर उसे हर कदम पर रोकता है।
जब जिंदगी उसे “रैड” के रूप में एक ऐसा इंसान देती है जो उसकी भावनाओं को समझता है, तब उसके भीतर उम्मीद की नई रोशनी जन्म लेती है। यह उपन्यास सवाल उठाता है कि क्या इंसान सच में स्वतंत्र होकर जी पाता है? क्या समाज से अलग होकर सच के साथ खड़ा होना इतना आसान है?
“परीका” पाठकों को आत्ममंथन करने पर मजबूर करती है और जीवन, स्वतंत्रता, प्रेम, मानवता तथा सामाजिक दबावों के बीच संघर्ष को बेहद संवेदनशील तरीके से प्रस्तुत करती है। सरल भाषा, गहरे विचार और भावनात्मक घटनाएँ इस पुस्तक को आधुनिक हिंदी साहित्य की एक प्रभावशाली कृति बनाती हैं।
यदि आप ऐसी किताबें पढ़ना पसंद करते हैं जो दिल को छू जाएँ और सोच बदल दें, तो “परीका” आपके लिए एक अविस्मरणीय अनुभव साबित होगी।
अब उपलब्ध:
Paperback & eBook संस्करण, eBook Rent सुविधा केवल - Rigi Publication Official Website
Keypoints:
- सामाजिक बंधनों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आधारित गहन हिंदी उपन्यास
- भावनात्मक, प्रेरणादायक और विचारोत्तेजक कहानी
- सरल हिंदी भाषा में प्रभावशाली प्रस्तुति
- युवा पाठकों और साहित्य प्रेमियों के लिए आदर्श पुस्तक
- Paperback एवं eBook दोनों फॉर्मेट में उपलब्ध
Bullets:
- भीड़ में अपनी पहचान खोजती एक लड़की की प्रेरक कहानी
- प्रेम, मानवता और आत्मसम्मान का भावनात्मक चित्रण
- समाज और मानसिक स्वतंत्रता पर गहरी सोच प्रस्तुत करती है
- हर अध्याय पाठकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है
- हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए संग्रहणीय पुस्तक
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789384314101 |
| Publication date | 07 January 2015 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 114 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
हिरा लाल एक संवेदनशील और विचारशील लेखक हैं, जिनकी लेखनी समाज की वास्तविकताओं को गहराई से उजागर करती है। वे मानव भावनाओं, सामाजिक बंधनों और आत्मिक स्वतंत्रता जैसे विषयों को सरल लेकिन प्रभावशाली भाषा में प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं।
उनकी रचनाएँ केवल मनोरंजन नहीं करतीं, बल्कि पाठकों को सोचने और अपने जीवन को नए दृष्टिकोण से देखने के लिए प्रेरित करती हैं। “परीका” उनके साहित्यिक दृष्टिकोण का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें उन्होंने समाज, प्रेम और स्वतंत्र अस्तित्व के संघर्ष को बेहद भावनात्मक ढंग से चित्रित किया है।