Product Information
"प्रेमांजलि" केवल एक काव्य संग्रह नहीं, बल्कि यह उन प्रेमियों की आवाज़ है जो समाज की रूढ़ियों से लड़ रहे हैं। यह पुस्तक उन लोगों को समर्पित है जो प्रेम को केवल एक भावना नहीं, बल्कि जीवन की सबसे खूबसूरत अनुभूति मानते हैं।
इस पुस्तक की कविताएँ ऑनर किलिंग जैसे गंभीर सामाजिक मुद्दे को उजागर करती हैं और प्रेम की सच्ची ताकत को दिखाती हैं। यह न केवल प्रेम की गहराइयों को महसूस करने का अवसर देती है, बल्कि समाज को जागरूक करने का भी एक मजबूत माध्यम है।
"जो प्रेम से टकराएगा, काल उस पर मंडराएगा!"
Keypoints:
- ✅ ऑनर किलिंग और समाज में प्रेम पर गहरी चर्चा
- ✅ रोमांस और संघर्ष का भावनात्मक मिश्रण
- ✅ काव्यात्मक शैली में सामाजिक संदेश
- ✅ प्रेम और समाज के टकराव को दर्शाने वाली क्रांतिकारी कविताएँ
- ✅ युवा पाठकों और सामाजिक चिंतकों के लिए एक प्रेरणादायक संग्रह
Bullets:
- ✔ समाज में प्रेम की वास्तविकता को दिखाने वाली कविताएँ
- ✔ रूढ़िवादी सोच और ऑनर किलिंग के खिलाफ सशक्त संदेश
- ✔ हर कविता एक नई प्रेरणा और जागरूकता की ओर ले जाती है
- ✔ युवाओं के लिए जरूरी पुस्तक जो प्रेम और संघर्ष को समझाती है
- ✔ शिक्षकों, विद्यार्थियों और साहित्य प्रेमियों के लिए अनमोल संग्रह
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789386447357 |
| Publication date | 26 September 2017 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 116 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
ज्ञानेन्द्र प्रताप सिंह एक प्रख्यात कवि, शिक्षक एवं वैज्ञानिक विचारक हैं। उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले से आने वाले ज्ञानेन्द्र जी न केवल साहित्य के क्षेत्र में बल्कि विज्ञान में भी महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं।
यह पुस्तक उनके समाज के प्रति समर्पण और प्रेम की शक्ति को जागरूक करने की कोशिश है।