Product Information
"रूह से रुबरू" चारू नागपाल द्वारा लिखित और रिगी पब्लिकेशन द्वारा प्रकाशित एक गहन पुस्तक है, जो जीवन के दर्शन और मानव यात्रा के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालती है। यह पुस्तक कर्म, प्रारब्ध, और जीवन के संघर्षों को आत्मसात करने के साथ-साथ एक उच्च शक्ति में विश्वास रखने के महत्व को दर्शाती है।
इस पुस्तक में लेखिका ने व्यक्तिगत अनुभवों और आध्यात्मिक विचारों के माध्यम से जीवन की समस्याओं और मानसिक संघर्षों को समझने के उपाय सुझाए हैं। 312 पृष्ठों में फैली यह पुस्तक आत्म-खोज, उद्देश्य, और शांति की तलाश में लगे प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक मार्गदर्शक है। "रूह से रुबरू" जीवन के उतार-चढ़ाव में प्रेरणा और नई दृष्टि प्रदान करती है।
Keypoints:
- गहन आध्यात्मिकता: जीवन के अर्थ और कर्म-प्रारब्ध पर प्रकाश डालती है।
- व्यावहारिक ज्ञान: मानसिक और भावनात्मक संघर्षों से निपटने के उपाय बताती है।
- हृदयस्पर्शी लेखन: लेखिका के व्यक्तिगत अनुभव और गहन चिंतन पर आधारित।
- प्रेरणादायक और उन्नतिकारक: पाठकों को आंतरिक शांति और विश्वास विकसित करने में मदद करती है।
- संपूर्ण मार्गदर्शक: 312 पृष्ठों की विचारोत्तेजक सामग्री से भरपूर।
Bullets:
- जीवन के संघर्षों और आध्यात्मिक जागृति की आत्मीय खोज।
- कठिन समय में संबल और आत्मबल प्रदान करती है।
- दिव्य शक्ति में समर्पण और प्रारब्ध में विश्वास को प्रेरित करती है।
- उद्देश्य और शांति की तलाश करने वालों के लिए आदर्श।
- जीवन दर्शन और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789363886407 |
| Publication date | 01 January 2025 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 312 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
चारू नागपाल एक ऐसी लेखिका हैं, जो जीवन के अनुभवों और आध्यात्मिक विचारों को अपनी लेखनी के माध्यम से खूबसूरती से प्रस्तुत करती हैं। उनके विचार और लेखन मानसिक और भावनात्मक जटिलताओं को समझने और उनका समाधान खोजने में मदद करते हैं। चारू अपने पाठकों को आत्म-खोज और विश्वास की ओर प्रेरित करती हैं, जिससे वे जीवन की कठिनाइयों का सामना दृढ़ता और आत्मविश्वास के साथ कर सकें।