DISCOUNT - 99 @2499 (Use Code: UFXS4I5C)

  - View More Coupons...

Jati Na Pucho Meri

( 1702 Views)
₹249 ₹350 (29% off)

"जाति न पूछो मेरी" में चारु नागपाल आपको रिश्तों और मानव संबंधों की जटिलताओं से परिचित कराती हैं। यह प्रेरणादायक कहानी संग्रह रिश्तों में होने वाली गलतफहमियों, प्राथमिकताओं और भावनात्मक संघर्षों की गहराई से पड़ताल करता है। पुस्तक यह दिखाती है कि कैसे आधा भरा या आधा खाली गिलास देखने की दृष्टि हमारे बंधनों को आकार देती है और गहरी खाई पैदा कर सकती है। जीवन के रंग-बिरंगे नज़ारे, खुशियों और दुखों से भरपूर, इन कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करते हैं। "काँच के गिलास" के बाद, यह चारु नागपाल की एक और भावनात्मक प्रस्तुति है जो पाठकों को गहराई तक छू जाएगी।

Product Information

"जाति न पूछो मेरी" में चारु नागपाल आपको रिश्तों और मानव संबंधों की जटिलताओं से परिचित कराती हैं। यह प्रेरणादायक कहानी संग्रह रिश्तों में होने वाली गलतफहमियों, प्राथमिकताओं और भावनात्मक संघर्षों की गहराई से पड़ताल करता है। पुस्तक यह दिखाती है कि कैसे आधा भरा या आधा खाली गिलास देखने की दृष्टि हमारे बंधनों को आकार देती है और गहरी खाई पैदा कर सकती है। जीवन के रंग-बिरंगे नज़ारे, खुशियों और दुखों से भरपूर, इन कहानियों के माध्यम से जीवन के महत्वपूर्ण सबक प्रस्तुत करते हैं। "काँच के गिलास" के बाद, यह चारु नागपाल की एक और भावनात्मक प्रस्तुति है जो पाठकों को गहराई तक छू जाएगी।


Keypoints:

  • भावनाओं और रिश्तों पर आधारित प्रेरक कहानियों का संग्रह।
  • मानव व्यवहार और दृष्टिकोण के विभिन्न पहलुओं की गहन पड़ताल।
  • चारु नागपाल के हस्ताक्षर शैली में लिखी गई भावपूर्ण कहानियाँ।
  • "काँच के गिलास" के बाद एक और गहराई से छू लेने वाली प्रस्तुति।
  • समकालीन भारतीय साहित्य प्रेमियों के लिए आदर्श।

Bullets:

  • भावनात्मक कहानियों का संग्रह: जीवन और रिश्तों के उतार-चढ़ाव को समझाने वाली कहानियाँ।
  • हर पाठक के लिए जुड़ाव: जीवन की साधारण घटनाओं को असाधारण रूप से पेश करती हैं।
  • लेखक की अनूठी शैली: चारु नागपाल की गहरी और सोच-समझ कर लिखी गई कहानियाँ।
  • जीवन और रिश्तों पर गहरी समझ: कहानियाँ जो हृदय को छू जाती हैं।
  • रिश्तों की जटिलताओं की पड़ताल: गलतफहमियों और प्राथमिकताओं को समझाने वाली कहानियाँ।

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789386447500
Publication date 05 March 2018
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 112
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & white interior with white paper (Premium Quality)

About Author

चारु नागपाल एक प्रतिष्ठित लेखिका हैं, जो मानव भावनाओं और संबंधों की गहराई को उजागर करने के लिए जानी जाती हैं। उनका लेखन जीवन की साधारण घटनाओं में छिपी असाधारण कहानियों को प्रस्तुत करता है। उनकी पिछली पुस्तक "काँच के गिलास" ने पाठकों के बीच भावनात्मक जुड़ाव पैदा किया, और अब "जाति न पूछो मेरी" के साथ वह एक बार फिर से दिल छू लेने वाली कहानियाँ लेकर आई हैं।

Reviews (0)

Be First to Write Review

Login to write Reivew

You May Also Like