Product Information
"योद्धा संन्यासी स्वामी विवेकानन्द" स्वामी विवेकानंद के प्रेरक जीवन, आदर्शों और भारत के सांस्कृतिक गौरव को समर्पित है। यह पुस्तक उनके साहस, त्याग और भारतीय युवाओं के लिए उनके संदेशों का गहन विवरण प्रस्तुत करती है। स्वामीजी के बचपन से लेकर उनके विश्व मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करने तक की अनसुनी कहानियों और संवादों को शामिल कर, यह पुस्तक उनके व्यक्तित्व के विभिन्न पहलुओं को उजागर करती है। यह पुस्तक स्वामी विवेकानंद की सोच और दर्शन को समझने के लिए एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक है।
Keypoints:
- प्रेरणादायक जीवन यात्रा: स्वामी विवेकानंद के जीवन के प्रेरक किस्सों का संग्रह।
- संवाद और कहानियाँ: अनसुने संवाद और कहानियाँ जो स्वामीजी की सोच को दर्शाते हैं।
- सांस्कृतिक गौरव: भारत की परंपराओं और संस्कृति का गहन अध्ययन।
- आसान भाषा: सरल और प्रभावशाली लेखन शैली।
- सभी पाठकों के लिए: युवा
- शिक्षक और सामान्य पाठकों के लिए आदर्श।
- शिक्षाप्रद: जीवन के हर पहलू में प्रेरणा देने वाली सामग्री।
Bullets:
- प्रेरणादायक जीवनी: स्वामी विवेकानन्द के बाल्यकाल से विश्व-प्रसिद्ध संत बनने की यात्रा को दर्शाती पुस्तक।
- दुर्लभ किस्से और वार्तालाप: उनकी विचारधारा और जीवन-मूल्यों को प्रकट करने वाले अनकहे प्रसंग।
- युवाओं के लिए संदेश: साहस, अनुशासन और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
- भारतीय संस्कृति का गौरव: भारत की समृद्ध परंपरा और विवेकानन्द के योगदान को उजागर करती है।
- सरल हिंदी में: सभी आयु वर्ग के पाठकों के लिए रोचक और सहज भाषा में लिखी गई।
Information
| Format | Paperback , EBook |
|---|---|
| ISBN No. | 9789391041649 |
| Publication date | 13 July 2022 |
| Publisher | Rigi Publication |
| Publication City/Country: | India |
| Language | Hindi |
| Book Pages | 146 |
| Book Size | 5.5" x 8.5" |
| Book Interior | Black & white interior with white paper (Premium Quality) |
About Author
रामवीर सिंह "राहगीर" का साहित्यिक सफर उनकी कहानियों, कविताओं और नाटकों के माध्यम से साहित्य जगत में अद्वितीय योगदान का प्रतीक है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में जन्मे रामवीर सिंह विभिन्न साहित्यिक संस्थाओं में सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं। वे भारतीय संस्कृति और सामाजिक मूल्यों के प्रति समर्पित हैं। "योद्धा संन्यासी स्वामी विवेकानन्द" उनकी ऐसी ही प्रेरक कृति है जो स्वामी विवेकानंद के विचारों को सजीव बनाती है।