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Maza Kisi Ka Gulaam Nahi: Yeh Kabhi Bhi Aa Sakta Hai — The Art of Finding Happiness, Gratitude and Joy in Everyday Life By Dr. Sanjeev | Rigi Publication

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Maza Kisi Ka Gulaam Nahi — यह कभी भी आ सकता है by Dr. Sanjeev is a Hindi motivational and personal development book about happiness, positive thinking, gratitude, relationships, resilience and the art of living in the present. The book explores an important question: does happiness depend entirely on money, success and favourable circumstances, or can it also emerge from our attitude toward life? Through reflections on happiness, comparison, relationships, money, struggle, gratitude and success, Dr. Sanjeev encourages readers to look at everyday life from a more positive and meaningful perspective. This Hindi self-help book is suitable for readers interested in personal growth, motivation, positive mindset, life lessons, emotional balance and meaningful living.

Product Information

MAZA KISI KA GULAAM NAHI

यह कभी भी आ सकता है — जीवन में खुशी, संतोष और सकारात्मकता खोजने की कला

क्या खुशी किसी मंज़िल पर पहुँचने के बाद मिलती है?

क्या जीवन का आनंद तभी संभव है जब परिस्थितियाँ हमारी इच्छाओं के अनुसार हों?

या फिर खुशी उसी क्षण हमारे भीतर जन्म ले सकती है, जब हम जीवन को एक नए दृष्टिकोण से देखना शुरू करें?

“मज़ा किसी का गुलाम नहीं... यह कभी भी आ सकता है!” जीवन, खुशी और सकारात्मक सोच को देखने का एक सरल लेकिन गहरा दृष्टिकोण प्रस्तुत करती है।

आज का जीवन सुविधाओं से भरा होने के बावजूद चिंता, तुलना, अपेक्षाओं, असंतोष और लगातार बेहतर पाने की दौड़ से घिरा हुआ है। हम अक्सर खुशी को धन, पद, सफलता, प्रसिद्धि या अनुकूल परिस्थितियों से जोड़ देते हैं। लेकिन क्या बाहरी उपलब्धियाँ वास्तव में मन को स्थायी संतोष दे सकती हैं?

यह पुस्तक इसी प्रश्न से एक अलग यात्रा शुरू करती है।

डॉ. संजीव पाठकों को याद दिलाते हैं कि जीवन का आनंद केवल परिस्थितियों के बदलने से नहीं, बल्कि दृष्टिकोण के बदलने से भी आता है। वर्तमान क्षण को स्वीकार करना, छोटी-छोटी खुशियों को पहचानना, रिश्तों की कद्र करना, संघर्षों से सीखना, असफलताओं को अनुभव में बदलना और कृतज्ञता को जीवन का हिस्सा बनाना—ये सभी जीवन को अधिक अर्थपूर्ण बनाने के रास्ते हो सकते हैं।

पुस्तक के अध्याय खुशी के विभिन्न पहलुओं को सरल और जीवन से जुड़े दृष्टिकोण से देखते हैं—खुशी का वास्तविक अर्थ, वर्तमान का आनंद, कठिन परिस्थितियों में मुस्कुराने की कला, रिश्तों की भूमिका, पैसे और खुशी का संबंध, संघर्ष से मिलने वाली सीख, भीतर छिपे बच्चे को जीवित रखना, कृतज्ञता और सफलता की नई परिभाषा।

यह केवल पढ़ने के लिए लिखी गई पुस्तक नहीं है। यह स्वयं से कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न पूछने का निमंत्रण है।

क्या हम हर समय परिस्थितियों को बदलने की कोशिश करते हैं, जबकि कभी-कभी अपने दृष्टिकोण को बदलना अधिक महत्वपूर्ण होता है?

क्या हम उन खुशियों को पहचान पाते हैं जो पहले से हमारे जीवन में मौजूद हैं?

क्या हम सफलता की दौड़ में जीवन का आनंद लेना भूल रहे हैं?

“मज़ा किसी का गुलाम नहीं...” का संदेश सरल है—खुशी हमेशा किसी बाहरी उपलब्धि की प्रतीक्षा नहीं करती। कभी वह एक छोटी मुस्कान में होती है, कभी किसी रिश्ते की गर्माहट में, कभी संघर्ष के बाद मिली सीख में और कभी केवल इस एहसास में कि आज का दिन हमारे पास है।

यदि आप जीवन को केवल सहने के बजाय उसे अधिक जागरूकता, कृतज्ञता, आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण के साथ जीना चाहते हैं, तो यह पुस्तक आपके लिए एक विचारपूर्ण साथी बन सकती है।

परिस्थितियाँ चाहे जैसी हों, मुस्कुराने का अधिकार आपका है।

मज़ा किसी का गुलाम नहीं... यह कभी भी आ सकता है!



Keypoints:

  • खुशी की नई परिभाषा समझें — जानें कि आनंद केवल धन, सफलता या अनुकूल परिस्थितियों पर निर्भर नहीं करता।
  • वर्तमान क्षण का आनंद लेना सीखें — बीते हुए कल और आने वाले कल के बीच आज को पहचानने की प्रेरणा। 
  • कठिन परिस्थितियों में सकारात्मक रहें — संघर्षों को केवल परेशानी नहीं, बल्कि सीख और विकास के अवसर के रूप में देखने का दृष्टिकोण। 
  • रिश्तों और कृतज्ञता का महत्व समझें — जीवन के वास्तविक आनंद में परिवार, संबंधों और आभार की भूमिका पर विचार। 
  • सफलता को नए दृष्टिकोण से देखें — बाहरी उपलब्धियों के साथ आंतरिक संतोष और जीवन के आनंद को महत्व देने की प्रेरणा।

Bullets:

  • Hindi Personal Development Book — खुशी, संतोष, सकारात्मक सोच और जीवन-दृष्टिकोण पर केंद्रित।
  • Practical Life Perspective — वर्तमान को जीने, छोटी खुशियों को पहचानने और परिस्थितियों में मुस्कुराने की सोच। 
  • 10 Thought-Provoking Chapters — खुशी, रिश्ते, पैसा, संघर्ष, कृतज्ञता और सफलता जैसे महत्वपूर्ण विषय। 
  • Motivational & Reflective Reading — आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवन-दृष्टिकोण के लिए उपयोगी। 
  • Published by Rigi Publication — भारतीय पाठकों के लिए हिंदी में प्रस्तुत एक प्रेरणात्मक पुस्तक।

Information

Format Paperback , EBook
ISBN No. 9789363880160
Publication date 28 August 2026
Publisher Rigi Publication
Publication City/Country: India
Language Hindi
Book Pages 206
Book Size 5.5" x 8.5"
Book Interior Black & White with 2-4 starting pages colored (Premium Paper)

About Author

Dr. Sanjeev लेखक, कवि और संपादक हैं। वे CISF में Sub-Inspector के रूप में कार्य कर चुके हैं और अपने लेखन के माध्यम से जीवन, मानवीय व्यवहार, सकारात्मक सोच, आत्मचिंतन और व्यक्तिगत विकास जैसे विषयों पर विचार प्रस्तुत करते हैं।

उनकी लेखकीय दृष्टि केवल सफलता प्राप्त करने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस प्रश्न पर केंद्रित है कि सफलता, संघर्ष, रिश्तों और दैनिक जीवन के बीच मनुष्य अपने जीवन में आनंद, संतुलन और अर्थ कैसे खोज सकता है।

“मज़ा किसी का गुलाम नहीं... यह कभी भी आ सकता है!” में डॉ. संजीव खुशी को किसी बाहरी उपलब्धि का परिणाम मानने के बजाय दृष्टिकोण, कृतज्ञता, आत्मविश्वास, रिश्तों और वर्तमान क्षण से जोड़ते हैं।

उनका उद्देश्य पाठकों को केवल प्रेरित करना नहीं, बल्कि उन्हें अपने जीवन और सोच पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है—ताकि वे शिकायतों से कृतज्ञता, चिंता से विश्वास और परिस्थितियों की प्रतीक्षा से वर्तमान क्षण को जीने की ओर बढ़ सकें।

उनका लेखन सरल जीवन-प्रसंगों, प्रेरणात्मक विचारों और आत्ममंथन के माध्यम से पाठक को अपने भीतर झाँकने का अवसर देता है।

Dr. Sanjeev का संदेश है:
जीवन हमेशा हमारी इच्छाओं के अनुसार नहीं चलता, लेकिन जीवन को देखने का हमारा दृष्टिकोण हमारे हाथ में हो सकता है।

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